संगठित क्षेत्र किसे कहते हैं? | संगठित क्षेत्र की विशेषताएं

संगठित क्षेत्र क्या है?

संगठित क्षेत्र की परिभाषा

संगठित क्षेत्र – संगठित क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां रोजगार की शर्तें निश्चित और नियमित होती हैं और श्रमिकों को सुनिश्चित काम मिलता है।

सरल शब्दों में संगठित क्षेत्र को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो सरकार के साथ पंजीकृत होते हैं और उस पर कई अधिनियम लागू होते हैं। 

उदाहरण के लिए – सरकारी स्कूल और कॉलेज और बैंक

संगठित क्षेत्र के अंतर्गत सभी प्रकार के सरकारी कर्मचारी आते हैं।

उद्योगों में पंजीकृत श्रमिक भी संगठित क्षेत्र का हिस्सा हैं।

आमतौर पर विनिर्माण व्यवसाय, सेवा व्यवसाय और खुदरा व्यवसाय संगठित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।

संगठित क्षेत्र की विशेषताएं 

संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा, सवैतनिक अवकाश, पेंशन, स्वास्थ्य और अन्य लाभ, काम के निश्चित घंटे और ओवरटाइम काम के लिए अतिरिक्त वेतन मिलता है।

संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों को सुनिश्चित कार्य व सामाजिक सुरक्षा मिलती है।

इसके अतिरिक्त संगठित क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले उद्यमों, विद्यालयों एवं अस्पतालों पर अनेक अधिनियम लागू होते हैं. जिससे वहां कार्यरत कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

संगठित क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों को नौकरी की स्थिरता और अतिरिक्त लाभों सहित कई लाभ मिलते हैं. उनके पास एक निश्चित मासिक आय, कार्य अनुसूची और नियमित अवधि में वेतन वृद्धि होती है।

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